ट्रेडिंग रणनीति

ईश्वर के दलाल

ईश्वर के दलाल

ईश्वर के दलाल

खबर के विकने की खबर पुरानी होक .

खबर के विकने की खबर पुरानी होकर भी पुरानी नहीं हुई। यह पूछने के बावजूद कि जब मीडिया मण्डी में है और मण्डी में धर्म, ईमान, पाखण्ड, ईश्वर, सत्य, कला सभी कुछ बिक रहा है, तो खबर बिकने पर चौंकना, परेशान होना अथवा दुखी होना क्यों? परेशान होना जरूरी है। मीडिया का भ्रष्टाचार लोकतन्त्र को भारी नुकसान पहुँचाने वाला है। पैसे लेकर समाचार छापने की खबर ने हड़कम्प मचा दिया। धन का लोभ क्या-क्या नहीं करवाता? बताया गया कि मुनाफाखोरी के दबाव में कुछ मीडिया संगठनों ने पत्रकारिता के ऊँचे आदर्शों की हत्या कर दी। कुछ समय पहले तक रिपोर्टरों अथवा संवाददाताओं को नकद या अन्य छोटे-छोटे उपहार दिए जाते थे, देश-विदेश में किसी कम्पनी या किसी शख्स के बारे में अनुकूल खबर छापने पर अच्छे होटलों में लंच-डिनर के साथ नकद भुगतान का लिफाफा दिया जाता था। ऐसी खबर हर सूरत में वस्तुनिष्ठ होते हुए व्यक्ति, पद या संस्था की प्रशंसा कर रही होती थी, परन्तु फिर बड़ा बदलाव आया। कामकाज की शैली और नियम बदल गए। मूल्यों को निश्चित करने की गलाकाट सहारा लिया जाने लगा। उसूलों के उल्लंघन के जवाब तलाश कर लिए गए। कहा गया कि एजेंसियों जैसे बिचौलियों को खत्म करने में कुछ भी बुरा नहीं। प्रेस-परिषद् ने कुछ दायित्व समझते हुए 'पैसे के बदले समाचार' पर एक कमेटी का गठन किया, जिससे चुनाव के दौरान नेताओं अथवा राजनीतिक दलों से पैसा लेकर समाचार प्रकाशित करने वाले जिम्मेदार कारकों को कठघरे में खड़ा किया जा सके, परन्तु कॉर्पोरेट मीडिया की दृश्य-अदृश्य शक्ति के सामने ऐसा हो न सका। सुप्रसिद्ध पत्रकार प्रभाष जोशी ने भी इस अनर्थ को रोकने की कोशिश की, परन्तु मीडिया समूह और राजनीति के कार्यकर्ताओं के बीच दलाली पैकेज में सभी कुछ चल रहा है।
निम्नलिखित में से कौन-सा सामासिक पद नहीं है?

डिंडौरी की नाबालिग को सालभर पहले दलाल ने दिल्ली निवासी दंपत्ति को बेचा, विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कराई सुरक्षित घर वापसी; कहा – यह सौभाग्य देने के लिए ईश्वर का धन्यवाद।।।

प्रशांत सिसोदिया ब्यूरो चीफ जिला डिंडोरी मध्य प्रदेश।।।।।।।।।।।।।।।।।।डिंडौरी की नाबालिग को सालभर पहले दलाल ने दिल्ली निवासी दंपत्ति को बेचा, विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कराई सुरक्षित घर वापसी; कहा – यह सौभाग्य देने के लिए ईश्वर का धन्यवाद।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।
16 वर्षीय पीड़िता के मुताबिक पड़ोसी दीपक ने नौकरी का झांसा देकर बेचा, प्रताड़ना से तंग आकर पुलिस से शिकायत की तो बालिका सुधार गृह में किया शिफ्ट।।।।।।।।।।।।

SP संजय सिंह बोले – मामले की गंभीरता से जांच कर तथ्यों के आधार पर की जाएगी कार्यवाही
डिंडौरी विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने जिले की एक 16 वर्षीय लड़की को दिल्ली से सकुशल वापस लाकर उसके परिजनों को सौंपा है।

उन्होंने मंगलवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में मामले की जानकारी प्रदान की। विधायक ने कहा, ‘यह मेरा सौभाग्य है कि मैं डिंडौरी की बेटी को दिल्ली से सकुशल वापस लेकर आ पाया। मैं ईश्वर का शुक्रगुज़ार हूँ कि उन्होंने मुझे इस नेक कार्य के लिए शक्ति दी।’

बकौल ओमकार सिंह मरकाम, ‘जिले की एक नाबालिग बच्ची को करीब सालभर पहले दलाल के माध्यम से दिल्ली में बेच दिया गया था। मुझे दिल्ली प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश भवन में संपर्क के लोगों ने जानकारी दी कि एक लड़की कुछ समय से दिल्ली के बालिका सुधार गृह में रह रही है, जो संभवतः डिंडौरी जिले की है। जानकारी मिलते ही मैं तत्काल अधिकारियों के साथ वहां गया।

मैंने उससे मुलाकात कर हालचाल जाना और परिजनों को दिल्ली लेकर गया। वहां से बच्ची को सुरक्षित वापस लाकर सकुशल परिवार के सुपुर्द किया।’ विधायक ने कहा कि बच्ची दिल्ली में काफी बुरी स्थिति में थी। उसके साथ मारपीट की जाती थी और काफी प्रताड़ित भी किया गया।

नौकरी और अच्छी लाइफस्टाइल का सपना दिखाकर दीपक नामक व्यक्ति ने बेचा था
इधर, मीडिया से बातचीत में नाबालिग ने बताया कि उसे पड़ोस में रहने वाले दीपक नामक व्यक्ति ने दिल्ली में एक दंपत्ति को बेचा था। वह दीपक को चाचा कहती थी, जिसने उसे नौकरी और अच्छी लाइफस्टाइल का झांसा देकर बेच दिया। खरीदने वाले लोग लड़की से बेरहमी से पेश आते थे।

घर का पूरा काम कराते थे और मारपीट भी करते थे। प्रताड़ना से तंग आकर उसने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने दंपत्ति के चंगुल से मुक्त कराकर दिल्ली सेंटर बालिका सुधार गृह में शिफ्ट कराया, जहां से विधायक मरकाम उसे डिंडौरी लेकर आए।

वहीं, मामले की जानकारी मिलने के बाद SP संजय सिंह ने कहा कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस पर तथ्यों के आधार न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी।

सरकार पर विधायक ने उठाए सवाल, कहा – आखिर 15 साल में भी क्यों खत्म नहीं हुई पलायन की समस्या?

इस घटना के हवाले से कांग्रेस विधायक ने राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रदेश में बीते 15 साल से भाजपा सरकार का राज है। वर्तमान में हालात यह हैं कि जिले के आदिवासी वर्ग के नागरिक रोजगार की तलाश में आज भी बाहरी क्षेत्रों में पलायन को मजबूर हैं।

जिले के गरीब परिवारों के बच्चों का दलालों के मायाजाल में फंसने का यह भी एक बड़ा कारण है। सरकार और प्रशासन के अधिकारी खासकर आदिवासी क्षेत्रों के लोगों व उनकी बच्चियों की सलामती के लिए गाल तो बहुत बजाते हैं, लेकिन जब उनके संरक्षण और सुरक्षा की बारी आती है तो सब सुन्न पड़ जाते हैं।

ईश्वर के दलाल

Hit enter to search or ESC to close

नारकोटिक्स ब्यूरो का उप निरीक्षक (गिरदावर) और दो दलाल साठ हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

नारकोटिक्स ब्यूरो का उप निरीक्षक (गिरदावर) और दो दलाल साठ हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

जयपुर, 6 नवंबर (हि.स.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की झालावाड़ टीम ने रविवार को कार्रवाई करते हुये रेंज अकलेरा व पचपहाड़ केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो जिला अफीम कार्यालय झालावाड के उप निरीक्षक (गिरदावर) और दो दलाल को परिवादी से साठ हजार रूपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि एसीबी की झालावाड़ इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि उसके नाम अफीम का पट्टा (लाईसेंस) बनाने की एवज में उप निरीक्षक (गिरदावर) पंकज मिश्रा द्वारा अपने दलाल नारायणलाल मुखिया के मार्फत साठ हजार रूपये की रिश्वत राशि की मांग रहा है।एसीबी की झालावाड़ टीम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भवानी शंकर मीणा नेतृत्व मे षिकायत का सत्यापन कर ट्रेन की कार्रवाई करते हुए उप निरीक्षक (गिरदावर) पंकज मिश्रा को अपने दलाल नारायणलाल और सत्यनारायण को साठ हजार रूपये की रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से साठ हजार रुपये की संदिग्ध राशि भी बरामद की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार/ दिनेश/ ईश्वर

हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्‍वाइन करने के लि‍ये यहां क्‍लि‍क करें, साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर और वाराणसी से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप डाउनलोड करने के लि‍ये यहां क्लिक करें।

अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते दलाल सहित तीन गिरफ्तार

जयपुर, 26 जुलाई। राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ ने रविवार को भरतपुर के भुसावर में स्थित शकुन्तला हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में डिकाय कार्यवाही कर भ्रूण लिंग परीक्षण में लिप्त दलाल कुलदीप गुर्जर, अजीत सिंह एवं ईश्वर सिंह को गिरफ्तार किया। साथ ही काम में ली गयी सोनोग्राफी मशीन को जब्त कर लिया ;अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी श्री सुधीर शर्मा के निर्देशन में राज्य स्तरीय टीम के द्वारा यह कार्यवाही की गयी है। कार्यवाही में दौसा पीसीपीएनडीटी समन्वयक भी शामिल थे।

श्री शर्मा ने बताया कि मुखबिर के माध्यम से सूचना मिल रही थी कि दौसा, भरतपुर क्षेत्र में कुलदीप सिंह नामक एक दलाल भ्रूण लिंग परीक्षण के कार्य में लिप्त है। टीम ने मुखबिर की सूचना की पुष्टि के बाद डिकाय कार्य योजना तैयार की। कार्ययोजना के अनुसार टीम ने दलाल कुलदीप से संपर्क किया। इस पर कुलदीप ने 55 हजार रुपये में भ्रूण लिंग परीक्षण करने पर सहमति ईश्वर के दलाल जता और डिकाय गर्भवती महिला को हिंडौन सिटी में बुलाया।

उन्होंने बताया कि हिंडौन सिटी में कुलदीप ने एक अन्य दलाल अजीत 22 हजार रुपये की राशि देकर डिकाय गर्भवती महिला को साथ में भिजवा दिया। वहां से अजीत पहाडी रास्तों से भरतपुर के भुसावर में शकुन्तला हास्पिटल लाया और वहां बिना फार्म एफ भरे गर्भवती महिला की ईश्वर सिंह ने सोनोग्राफी की। साथ ही दवाईयां भी लिखीं। ईश्वर सिंह एक फीजियो थैरेपिस्ट है उसके पास सोनोग्राफी कार्य की अनुमति एवं योग्यता नहीं थी। इस पर डिकाय टीम ने कार्यवाही करते हुये ईश्वर के दलाल दलाल कुलदीप गुर्जर, अजीत सिंह एवं ईश्वर सिंह को गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि उक्त सेंटर पर डॉ. इंद्रजीत सलूजा को सोनोग्राफी की अनुमति प्रदान थी लेकिन मौके पर फीजियो थैरेपिस्ट ईश्वर सिंह सोनोग्राफी कर रहा था।

Dindoridotnet

डिंडौरी विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने जिले की एक 16 वर्षीय लड़की को दिल्ली से सकुशल वापस लाकर उसके परिजनों को सौंपा है। उन्होंने मंगलवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में मामले की जानकारी प्रदान की। विधायक ने कहा, 'यह मेरा सौभाग्य है कि मैं डिंडौरी की बेटी को दिल्ली से सकुशल वापस लेकर आ पाया। मैं ईश्वर का शुक्रगुज़ार हूँ कि उन्होंने मुझे इस नेक कार्य के लिए शक्ति दी।' बकौल ओमकार सिंह मरकाम, 'जिले की एक नाबालिग बच्ची को करीब सालभर पहले दलाल के माध्यम से दिल्ली में बेच दिया गया था। मुझे दिल्ली प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश भवन में संपर्क के लोगों ने जानकारी दी कि एक लड़की कुछ समय से दिल्ली के बालिका सुधार गृह में ईश्वर के दलाल रह रही है, जो संभवतः डिंडौरी जिले की है। जानकारी मिलते ही मैं तत्काल अधिकारियों के साथ वहां गया। मैंने उससे मुलाकात कर हालचाल जाना और परिजनों को दिल्ली लेकर गया। वहां से बच्ची को सुरक्षित वापस लाकर सकुशल परिवार के सुपुर्द किया।' विधायक ने कहा कि बच्ची दिल्ली में काफी बुरी स्थिति में थी। उसके साथ मारपीट की जाती थी और काफी प्रताड़ित भी किया गया।

नौकरी और अच्छी लाइफस्टाइल का सपना दिखाकर दीपक नामक व्यक्ति ने बेचा था

इधर, मीडिया से बातचीत में नाबालिग ने बताया कि उसे पड़ोस में रहने वाले दीपक नामक व्यक्ति ने दिल्ली में एक दंपत्ति को बेचा था। वह दीपक को चाचा कहती थी, जिसने उसे नौकरी और अच्छी लाइफस्टाइल का झांसा देकर बेच दिया। खरीदने वाले लोग लड़की से बेरहमी से पेश आते थे। घर का पूरा काम कराते थे और मारपीट भी करते थे। प्रताड़ना से तंग आकर उसने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने दंपत्ति के चंगुल से मुक्त कराकर दिल्ली सेंटर बालिका सुधार गृह में शिफ्ट कराया, जहां से विधायक मरकाम उसे डिंडौरी लेकर आए। वहीं, मामले की जानकारी मिलने के बाद SP संजय सिंह ने कहा कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस पर तथ्यों के आधार न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी।

सरकार पर विधायक ने उठाए सवाल, कहा - आखिर 15 साल में भी क्यों खत्म नहीं हुई पलायन की समस्या?

इस घटना के हवाले से कांग्रेस विधायक ने राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रदेश में बीते 15 साल से भाजपा सरकार का राज है। वर्तमान में हालात यह हैं कि जिले के आदिवासी वर्ग के नागरिक रोजगार की तलाश में आज भी बाहरी क्षेत्रों में पलायन को मजबूर हैं। जिले के गरीब परिवारों के बच्चों का दलालों के मायाजाल में फंसने का यह भी एक बड़ा कारण है। सरकार और प्रशासन के अधिकारी खासकर आदिवासी क्षेत्रों के लोगों व उनकी बच्चियों की सलामती के लिए गाल तो बहुत बजाते हैं, लेकिन जब उनके संरक्षण और सुरक्षा की बारी आती है तो सब सुन्न पड़ जाते हैं।

रेटिंग: 4.11
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 300
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *