विदेशी विनिमय बाजार

गुप्त धन

गुप्त धन
जन्‍म से पहले मृत्‍यु निश्चित
आचार्य चाणक्य के अनुसार व्‍यक्ति के जन्‍म से पूर्व ही मां के गर्भ में उसकी मृत्‍यु, गुप्त धन उसके कर्म और उसके पास जीवन में कितनी संपत्ति रहेगी, ये बातें उसके जन्‍म लेने गुप्त धन से पहले ही निश्चित हो जाती है.

Chanakya Niti: इसमें जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं.

गुप्त धन : प्रेमचंद द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Gupt Dhan : by Premchand Free Hindi PDF Book

पुस्तक का विवरण : ‘गुप्तधन’ के दो खण्डों में प्रेमचंद की छप्पन नयी कहानियाँ दी जा रही हैं| ये कहानियाँ इस अर्थ में नयी नहीं हैं कि इतनी नयी पांडुलिपियाँ मिली हैं| वह कैसे होता? कहानोयों की जिस कदर माँग रहती है, साधारण जाने-माने लेखक गुप्त धन के पास भी कहानी नहीं बचती, प्रेमचंद की तो बात ही कुछ और है| ये कहानियाँ नयी इस अर्थ में हैं कि हिंदी पाठकों के सामने पहली बार संकलित होकर गुप्त धन आ रही हैं| हर कहानी के अंत में सूत्रका संकेत दिया हुआ है और जैसा कि गुप्त धन आप देखेंगे, इनमें से अधिकांश कहानियाँ हमको मुंशीजी के उर्दू कहानी-संग्रहों और पुरानी पत्रिकाओं से मिली हैं और कुछ हैं जो हिंदी की पुरानी पत्रिकाओं में दबी पड़ी थीं…………..

गुप्त धन : मुंशी प्रेमचंद हिंदी पुस्तक

Please read this carefully before you download this file. (First of all, download the zip file and then unzip or extract the file. then you will see a pdf file. if you don't understand how to do that, then please check the below button.)

We request all the user if you unable to download the book गुप्त धन : मुंशी प्रेमचंद हिंदी पुस्तक.don't worry we are always here for you just Inform Us fillup this form. some time it's happen when there is गुप्त धन a broken download link.

Chanakya Niti : इस गुप्त गुप्त धन धन को कभी न रखें छुपाकर, मिलेगा डबल फायदा

आचार्य चाणक्य महान अर्थशास्त्री, राजनीतिकार और विद्वान माने जाते हैं। व्यक्ति की तरक्की के साथ समाज के कल्याण के लिए उनकी नीतियां जीवन में अपनाना जरूरी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर व्यक्ति के पास धन है तो वो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार कर सकता है लेकिन धन के साथ एक उन्होंने एक ऐसा गुप्त धन बताया है जो हर व्यक्ति के पास होता है।

Chanakya Niti : इस गुप्त धन को कभी न रखें छुपाकर, मिलेगा डबल फायदा

HR Breaking News (ब्यूरो)। आचार्य चाणक्य महान अर्थशास्त्री, राजनीतिकार और विद्वान माने जाते हैं. व्यक्ति की तरक्की के साथ समाज के कल्याण के लिए उनकी नीतियां जीवन में अपनाना जरूरी गुप्त धन गुप्त धन है. आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर व्यक्ति के पास धन है तो वो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार कर सकता है लेकिन धन के साथ एक उन्होंने एक ऐसा गुप्त धन बताया है जो हर व्यक्ति के पास होता है. इसे बांटने से भी ये कम नहीं होता. आइए जानते हैं चाणक्य ने किसी गुप्त धन की बात कही है.

Around the web

About Us

HR Breaking News Network – A digital news platform that will give you all the news of Haryana which is necessary for you. You will bring all the news related to your life which affects your life. From the political corridors to the discussion of the: Village Chaupal, from the farm barn to the ration shop, from the street games to playground, from the city’s hospital to your health issue , there will be news of you. In the country, your health to health insurance updates, kitchen or self care, dressing or dieting, election or nook meeting, entertainment or serious crime, from small kitchen gadgets to mobile and advance technology, by joining us you will be able to stay up to date.

चाणक्य नीति (Chanakya Niti): आचार्य चाणक्य के अनुसार जीवन गुप्त धन में जब दुख आते हैं, तो दुख के इस समय में पुत्र, पुत्री, पत्नी . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : November 07, 2020, 10:04 IST

चाणक्य नीति (Chanakya Niti): गुप्त धन आचार्य चाणक्य ने जीवन के अहम विषयों समेत सुख-दुख और जीवन की समस्याओं का जिक्र किया है. वहीं उन्‍होंने इनके समाधन की ओर भी ध्‍यान दिलाया है. चाणक्य नीति के अनुसार जीवन है, तो सुख-दुख लगा रहेगा. व्‍यक्ति को संतुलित जीवन जीते हुए इनसे बचने का प्रयास करना चाहिए. आज हम आपके लिए 'हिंदी साहित्य दर्पण' के साभार से लेकर आए हैं आचार्य चाणक्य की कुछ नीतियां. इसके अनुसार व्‍यक्ति के जन्‍म से पूर्व ही मां के गर्भ में उसकी मृत्‍यु और कर्म आदि बातें निश्चित हो जाती है. आइए जानते हैं इस बारे में और क्‍या कहा गया है-

विद्या है गुप्त धन
आचार्य चाणक्य के अनुसार ज्ञान प्राप्‍त करना कामधेनु के समान है, जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है. वह विदेश में माता के समान रक्षक और हित करने वाली होती है. इसीलिए विद्या को एक गुप्त धन कहा जाता है.

रेटिंग: 4.84
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 690
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *